रायगढ़ । विकास के नाम पर स्थापित उद्योग समय के साथ-साथ जिले के लिये न सिर्फ विनाश का कारण बनते जा रहे हैं, बल्कि वहाँ कार्यरत मजदूरों के लिये मौत का कुआँ भी साबित हो रहे हैं। आये दिन किसी न किसी उद्योग मे मजदूर हादसे का शिकार हो रहे हैं, नतीजा या तो गंभीर रूप से घायल या फिर जान से हाथ धो बैठना, वजह प्रबंधन द्वारा कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों मे लापरवाही बरतना। धनोपार्जन की हवस मे ये इतने अंधे हो चुके हैं कि इंसानी जान की इनके सामने कोई कीमत नहीं रह गई है।
ऐसा ही एक हादसा कल २४ जुलाई गुरुवार को तराईमाल स्थित बीएस स्पंज मे हुआ, जहाँ काम के दौरान फर्नेस मे हुए ब्लास्ट मे एक क्रेन ऑपरेटर बिहार निवासी दीपक कुमार (२६ वर्ष) जान गवां बैठा। सूत्रों के अनुसार दीपक कुमार गर्म स्लैग की चपेट मे आने पर गंभीर रूप से झुलस गया था, उसे तत्काल इलाज के लिये अस्पताल ले जाया गया, जहाँ ईलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। कंपनी प्रबंधन से इस संबंध मे जानकारी हेतु फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई किन्तु उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।
मार्च से अब तक १२ मौतें : औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्च २०२५ से लेकर २४ जुलाई २०२५ तक विभिन्न उद्योगों मे हुए हादसों मे १२ श्रमिकों ने अपनी जान गवाई है, और कई घायल भी हुए हैं। जिसमे से ८ मे विभाग द्वारा जाँच उपरांत कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज कर मामला श्रम न्यायलय मे दायर किया गया है, बाकि हालिया हुए ३ हादसों की जाँच जारी है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रम न्यायलय द्वारा इस वर्ष दिये गये फैसलों मे विभिन्न उद्योगों पर लगभग १ करोड़ ३५ लाख ५ हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
कहाँ-कहाँ हुए हादसे :
- मे. सुनील ईस्पात एण्ड पॉवर प्रा. लि. ग्राम- चिरईपानी लाखा, मृतक- प्रदीप कुमार (२३ वर्ष),
- मे. एमएसपी स्टील एण्ड पॉवर लि. ग्राम-जामगांव, मृतक- डूम्बी सुंडी (२८ वर्ष),
- मे. नवदुर्गा फ्यूल्स प्रा. लि. ग्राम सराईपाली गेरवानी, मृतक- रामजी भुईंया (४५ वर्ष),
- मे. सिंघल स्टील एण्ड पॉवर प्रा. लि. गेरवानी, मृतक- मो. सज्जाद अली (२० वर्ष)
- मे. माँ शिवा स्टील एण्ड अलॉयज् इंडस्ट्रियल पार्क पूंजीपथरा, मृतक- उपेन्द्र कुमार (३० वर्ष)
- मे. एन.आर. ईस्पात एण्ड पॉवर प्रा. लि. गौरमुडी गेरवानी, मृतक- अक्षय कुमार निषाद (३० वर्ष)
- जिंदल पॉवर लि. तमनार, मृतक- राजेश्वर धोबा (२४ वर्ष)
- मे. माँ मणी आयरन एण्ड स्टील कंपनी इंडस्ट्रियल पार्क पूंजीपथरा, मृतक- रामानंद साहनी (४१ वर्ष), अनुज कुमार (३४ वर्ष)
- एस. एस. स्टील एण्ड पॉवर ग्राम- पाली गेरवानी, मृतक- अजीत कुमार (२० वर्ष)
- मे. अंजनी स्टील लि. ग्राम- उज्जवलपुर गेरवानी, मृतक- मो. हैदर अंसारी (४३ वर्ष)
- मे. बीएस स्पंज प्रा. लि. ग्राम-तराईमाल, मृतक- दीपक कुमार (२६ वर्ष)
लगातार हो रहे हादसों मे जो मजदूर अपनी जान गवां रहे हैं, वहाँ कंपनी प्रबंधन द्वारा कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों मे बरती जा रही लापरवाही ही इसका प्रमुख कारण है। हादसों के पश्चात् प्रबंधन द्वारा साइड इंचार्ज या फिर सुपरवाइजर के ऊपर हादसे का ठीकरा फोड़ते हुए खानापूर्ति के लिये निलंबन की कार्रवाई कर अपना पल्ला झाड़ लिया जाता है, और मृतक के परिजनों को मुआवजे के तौर पर चंद रुपये थमा कर अपने कर्त्तव्य की इतिश्री कर ली जाती है। शायद इनसे संबंधित विभागों के सीमित अधिकार व दायरे और कार्यवाही की धीमी प्रक्रिया ही सबसे बड़ा कारण है कि ये उद्योग प्रबंधन निर्धारित दिशा-निर्देशों का पूर्णतया परिपालन न करते हुए लगातार नियमों का उल्लंघन करते हुए संयंत्रों का संचालन कर रहे हैं।
क्या कहते हैं उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, रायगढ़ मनीष कुमार श्रीवास्तव : दीपक कुमार जो बीएस स्पंज मे क्रेन ऑपरेटर थे। फर्नेस प्लांट मे पंचर हुआ तब ये क्रेन से उतर रहे थे, इस दौरान वे नीचे गिर गये जिससे उनके सर पर चोट आयी, और उनकी मौत हो गयी। मौके पर जाँच कि गयी और फर्नेस से प्रोडक्शन बंद किया गया है, साथ ही प्रबंधन को नोटिस दिया गया है। सुरक्षा कारणों को ध्यान मे रखते हुए जिले के अन्य कंपनी प्रबंधकों को भी नोटिस जारी किया गया है। इस वर्ष विभिन्न उद्योगों पर १ करोड़ ३५ लाख ५ हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।


