रायगढ़ । छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में आयोजित बीएनआई व्यापार एवं उद्योग मेला 2026 ने एक बार फिर स्थानीय उद्यमिता और नवाचार की मिसाल पेश की है। 29 जनवरी से 3 फरवरी तक चलने वाले इस मेले के दूसरे दिन, यानी 30 जनवरी को, एक भव्य समारोह में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आए व्यापारिक रत्नों का सम्मान किया गया।
इस सम्मान समारोह की खासियत रही कि रायगढ़ के युवा उद्यमी राहुल अग्रवाल का सम्मान, जिन्हें उनके कैटल एण्ड पोल्ट्री फीड इंडस्ट्रीज में योगदान के लिए ’’छत्तीसगढ़ व्यापार रत्न सम्मान’’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल राहुल की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह रायगढ़ जिले के लिए गौरव का क्षण है, जो दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर कैसे युवा उद्यमी राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हुए समाज में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।
पूर्व में हरीश केडिया एवं उनकी टीम द्वारा लगातार 22 वर्षों तक प्रसिद्ध व्यापार मेला आयोजित किया जाता रहा, वहीं गत 3 वर्षों से बीएनआई (बिजनेस नेटवर्क इंटरनेशनल) बिलासपुर द्वारा इस गौरवशाली परंपरा को निरंतर जारी रखा गया है। साइंस कॉलेज मैदान, सरकंडा में आयोजित इस मेले में सुई से लेकर जेसीबी तक सब कुछ एक ही परिसर में उपलब्ध है, जो छोटे व्यापारियों, एमएसएमई और बड़े उद्यमों को जोड़ने का सशक्त मंच बना हुआ है। मेला निःशुल्क प्रवेश के कारण बिलासपुर के अलावा आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग आकर्षित हो रहे हैं।
दूसरे दिन के मुख्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक तखतपुर धर्मजीत सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी, छ.ग. सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी अतिविशिष्ट अतिथि सहित कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित थीं। इन अतिथियों ने प्रदेश से पधारे विभिन्न व्यापार एवं उद्योग से जुड़े रत्नों का सम्मान किया और व्यापारियों से संवाद स्थापित किया।
विधायक धर्मजीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि व्यापार निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। मैं चाहता हूं कि बिलासपुर राष्ट्र के साथ-साथ सरकार की रणनीति और ऐसे मेलों के समन्वय से आगे बढ़े। बीएनआई बिलासपुर व्यापार मेला केवल व्यापार का मंच नहीं, बल्कि स्थानीय प्रतिभा, उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन छोटे व्यापारियों और छात्रों को नई पहचान देते हैं और आत्मनिर्भर भारत की सोच को जमीनी स्तर पर मजबूत करते हैं।
इसी तरह, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैं 25 वर्ष पहले इस मेले से जुड़ा था। 16 वर्षों में जो कुछ मैंने हासिल किया, वह बीएनआई के सहयोग से ही संभव हुआ। यह मेला छत्तीसगढ़ के व्यापारिक विकास को बढ़ावा देता है और छोटे-बड़े उद्योगों को एक मंच पर लाकर आर्थिक मजबूती प्रदान करता है।
इस समारोह की चमक राहुल अग्रवाल जैसे युवा उद्यमियों से और बढ़ गई। 27 वर्षीय राहुल ने अल्प आयु में अपने पिता राजेश कुमार अग्रवाल (चैम्बर) के मार्गदर्शन में व्यापार के बारिकियों को सिखकर व्यापार को उंचाई तक ले जाने का कार्य किया है। ज्ञात हो कि राहुल एमबीए (फाइनेंस) की डिग्री एनएमआईएमएस मुंबई से प्राप्त कर चुके हैं और वर्तमान में हैचरी, कैटल व पोल्ट्री फीड प्लांट एवं ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर के निर्माण में संलग्न हैं।
अग्रवाल फूड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राहुल अग्रवाल ने कम समय में हेचरी की स्थापना और स्वचालित उपकरणों वाली स्टीम-बेस्ड पशु एवं कुक्कुट आहार फैक्ट्री स्थापित की। यह फैक्ट्री न केवल स्थानीय किसानों को गुणवत्तापूर्ण फीड उपलब्ध कराती है, बल्कि अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से 100 प्रतिशत जैविक खाद का उत्पादन भी करती है, जो ’’स्वच्छ भारत अभियान’’ के अनुरूप है।
उनकी कंपनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया है। ’’समृद्ध ग्राम, समृद्ध भारत’’ की प्रेरणा से संचालित है। इस फैक्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट को वाष्प द्वारा रीप्रोसेस कर जैविक खाद में बदलना एक क्रांतिकारी कदम है। यह खाद रासायनिक उर्वरकों का विकल्प बनकर किसानों की उपज बढ़ा रही है और जैविक अनाज के उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण हो रहा है, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और समाज को स्वास्थ्य लाभ भी मिल रहा है।
राहुल ने छत्तीसगढ़ चौंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, रायपुर के युवा विंग के सचिव के रूप में भी कार्य किया, जहां उन्होंने पारदर्शी व्यापार प्रथाओं को बढ़ावा देकर व्यापारियों और किसानों के बीच विश्वास स्थापित किया। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था कृषि और पशुपालन पर आधारित है। यहां के अधिकांश किसान पशुपालक हैं, और राहुल द्वारा संचालित फैक्ट्री उन्हें संतुलित आहार उपलब्ध कराकर उनकी उत्पादकता बढ़ा रही है।
सम्मान समारोह में राहुल को मंच पर बुलाकर ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इस दौरान अतिथियों ने उनके योगदान की सराहना की। कमल सौनी ने कहा, सराफा एसोसिएशन व्यापारियों के हितों के लिए प्रयासरत है। बीएनआई का यह मेला व्यापार के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को जोड़ता है, जो इसकी खासियत है। छ.ग. चैम्बर बिलासपुर के अध्यक्ष भागचंद बजाज ने भी उद्यमिता को मजबूत करने में मेले की भूमिका पर जोर दिया। राहुल ने सम्मान ग्रहण करते हुए कहा, यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा है। मैं आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।
मक्का जैसे कच्चे माल के स्थानीय उत्पादन को बढ़ाने के लिए बड़ी मात्रा में किसानों के साथ कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की योजना है, जो फसल चक्र परिवर्तन में सहायक होगी। ये योजनाएं न केवल आर्थिक विकास को गति देंगी, बल्कि कमजोर वर्गों को सशक्त बनाएंगी।
बीएनआई मेला जैसे आयोजन छत्तीसगढ़ जैसे कृषि-प्रधान राज्य में उद्यमिता की नई लहर ला रही है। राहुल अग्रवाल का सम्मान इस बात का प्रमाण है कि युवा पीढ़ी कैसे नवाचार से समाज को बदल रही है। यह घटना न केवल रायगढ़ के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी। आने वाले वर्षों में ऐसे सम्मान और अधिक युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। राहुल की कहानी बताती है कि मेहनत, नवाचार और सामाजिक सरोकार से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।


