
रायगढ़ | नगरीय निकाय निर्वाचन मे आज ३१ जनवरी शुक्रवार अभ्यर्थियों की नाम वापसी हेतु अंतिम दिन था, कांग्रेस के एक के बाद एक दो पार्षद प्रत्याशियों द्वारा इस चुनावी समर से अपने नाम वापसी की सूचना ने खलबली मचा दी | एक और प्रत्याशी के नाम वापसी की सूचना पर जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचे कांग्रेस संगठन के लोगों व भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी व झूमाझटकी भी हुई | हो-हल्ला और जमकर हुई नारेबाजी का यह सियासी ड्रामा लगभग घंटे भर चला जो कि कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा नाम वापस नहीं लिये जाने संबंधी कथन रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष देने के पश्चात् समाप्त हुआ |
रायगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष (शहरी) अनिल शुक्ला ने आज प्रेसवार्ता आयोजित कर यह आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के लोगों द्वारा साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाकर कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशियों की खरीद फ़रोख्त, भयादोहन कर इस चुनाव से नाम वापस लेने हेतु दबाव बनाया जा रहा था | आज सुबह वार्ड नंबर १८ और वार्ड नंबर ४५ के दो प्रत्याशियों द्वारा नाम वापसी की घोषणा की सूचना मिली, हमारे द्वारा कारण जानने हेतु उनसे संपर्क कर की कोशिश भी की गयी किन्तु संपर्क न हो सका, तत्पश्चात एक और प्रत्याशी शरद महापात्रे जो कि वार्ड क्रमांक २३ से चुनाव लड़ रहे हैं उन पर जबरन दबाव बनाकर नाम वापस लेने निर्वाचन कार्यालय पहुँचने की सूचना पर अध्यक्ष अनिल शुक्ला समेत संगठन के लोग जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचे | उन्होंने बताया कि सत्ता पक्ष के लोग हमारे प्रत्याशी को उकसाकर नाम वापस लेने हेतु प्रेरित करते नजर आये जहाँ हमने उसका विरोध किया, हमारे बीच विवाद भी हुआ, झूमाझटकी भी हुई |
अनिल शुक्ला ने कहा कि वार्ड नंबर १८ की प्रत्याशी के अपने पति की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी व हॉस्पिटल मे भर्ती होने का हवाला दिया गया है इस पर भाजपा के लोगों द्वारा मीडिया मे चलाये जा रहे समाचारों से यह प्रतीत होता है कि यह उनका ही किया धरा है, साथ ही वार्ड नंबर ४५ के प्रत्याशी भी सत्ता पक्ष की इसी घटिया राजनीति का शिकार हुए हैं | उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले की जाँच कर अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगी और यदि इसमें सत्ता पक्ष के कोई भी दबाव का साक्ष्य या लेनदेन की बात सामने आई तो निर्वाचन आयोग से इसकी शिकायत की जावेगी | उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से न सिर्फ लोकतंत्र की हत्या होती है बल्कि यह नागरिकों के विश्वास को भी कमजोर करता है | यह आवश्यक है की सत्ता पक्ष व् विरोधी दल दोनों ही लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करें और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करें |
अनिल शुक्ला ने कहा कि हमने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि किसी भी प्रत्याशी को निर्विरोध निर्वाचित न किया जाये, कानूनन मतदाताओं के नोटा के बटन के अधिकार को सुरक्षित रखा जाये साथ ही सत्ता पक्ष द्वारा निर्मित भयादोहन और दबावपूर्ण राजनीति के वातावरण को देखते हुए कांग्रेस के प्रत्याशियों के साथ निर्दलीय प्रत्याशियों को भी सुरक्षा मुहैया करायी जाये |


